भारत सरकार शहरी रोजगार एवं गरीबी उपशमन मंत्रालय द्वारा शहरों में फेरी लगाकर व्यवसाय करने वाले (नेशनल क न्सल्टेशन आफ स्ट्रीट वेंडर्स) लोगों के लिए वर्ष 2004 में नीति तैयार की गई है। राज्य शासन ने इस नीति के अनुसरण में,शहरों में गरीब तबके के ऐसे लोगों के लिए जो फेरी लगाकर या सड़कों के फुटपाथ,गलियों के नुक्कड़ आदि पर अस्थाई स्टाल लगाकर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं का विक्रय कर जीविकोपार्जन करते हैं,योजना बनाकर लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना में नगरीय निकायों में दिनांक 30.07.2006 तक शहरी सर्वेक्षण क राया गया। प्रदेश के 48 जिलों में 93,515 फेरीवालो का सर्वेक्षण किया गया है। सर्वेक्षित फेरीवालों में 70,640 को पहचान पत्र जारी किये गए हैं,और शेष 22,875 फेरीवालों को परिचय पत्र वितरित करने की कार्रवाई प्रचलित है। शहरी फेरीवालों को व्यस्थित करने के लिए प्रदेश में 966 हाकर्स जोनकार्नर का विकास करना प्रस्तावित है।