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नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रदेश के नगरीय निकायों (ग्वालियर, इन्दौर, जबलपुर,और उज्जैन नगर निगम को छोड़कर) के कर्मचारियों के लिए अक्टूबर, 1987 से परिवार कल्याण निधि योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत संचालनालय द्वारा पृथक से 'संचालक परिवार कल्याण निधि'खाता बैंक में खोला गया है जिसमें निकाय के कर्मचारियों के वेतन से मासिक अभिदान की राशि काटी जाकर जमा की जाती है जिसका विवरण इस प्रकार है :-
| क्रमांक |
कर्मचारी की श्रेणी |
मासिक अभिदान राशि (रूपये में) |
1 |
प्रथम श्रेणी |
160.00 |
2 |
द्वितीय श्रेणी |
120.00 |
3 |
तृतीय श्रेणी |
100.00 |
4 |
चतुर्थ श्रेणी |
60.00 |
5 |
सफाई कामगार |
30.00 |
इस योजना के सदस्य अधिकारी / कर्मचारी की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामित व्यक्ति अथवा नियमों में उल्लेखित परिवार के अधिमान क्रम के अनुसार दावेदार को क्रमश: रूपये 1.60 लाख, 1.20 लाख, 1.00 लाख, 60,000/- और 30,000/- की राशि का भुगतान किया जाता है। सेवानिवृति उपरांत अभिदाता को उसके खाते में जमा वास्तविक अभिदान राशि और उस पर देय ब्याज की राशि का भुगतान किया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2006-07 में माह अप्रैल 2006 से मार्च 2007 के मध्य तक योजना के अन्तर्गत कुल 883 सेवानिवृत्त/मृतक कर्मचारियों के परिवार के सदस्य को लाभान्वित किया गया है और कुल राशि रूपये 2,10,16,782/- का भुगतान किया गया है।
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