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बारहवें वित्त आयोग द्वारा प्रदेश के नगरीय निकायों के लिये वर्ष 2005-06 से वर्ष 2009-10 की अवधि के लिए रूपये 361.00 करोड़ अनुदान की अनुशंसा की गई है। यह राशि प्रतिवर्ष रूपये 72.20 करोड के मान से नगरीय निकायों को उनके क्षेत्र में ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, डाटाबैस निर्माण एवं जल प्रदाय आदि के कार्यो के लिए उपलब्ध कराई जानी है।
भारत सरकार से वर्ष 05-06 में प्राप्त राशि रूपये 72.20 करोड़ तथा वर्ष 2006-07 में प्राप्त प्रथम किश्त की राशि रूपये 36.10 करोड़ नगरीय निकायों को उपलब्ध कराई गई है। निकायों द्वारा इस राशि से वित्त आयोग की मंशा के अनुरूप कार्य सतत् रूप से किये जा रहे है।
बारहवे वित्त आयोग ने ''विशेष समस्या'' के अन्तर्गत देवास शहर के लिए रूपये 25.00 करोड़ की योजना स्वीकृत की है। यह राशि वर्ष 2006-07 से 2009-10 तक 4 वर्षो में प्रतिवर्ष रूपये 6.25 करोड़ के हिसाब से नगर निगम देवास को उपलब्ध कराई जायेगी।
देवास शहर के विकास के लिये बनाई गई कार्य योजना में देवास क्षेत्र में निम्नलिखित कार्य प्रस्तावित हैं :-
(रू .लाख में)
1 |
2.25 एम.एल.डी.नागदा वाटर सप्लाय स्कीम |
276.00 |
2 |
5.00 एम.एल.डी. राजानल वाटर सप्लाय स्कीम |
548.75 |
3 |
देवास शहर के नालों का निर्माण |
559.25 |
4 |
सडकों का निर्माण |
616.00 |
5 |
देवास शहर में पाईप लाईन विस्तार |
500.00 |
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योग |
2500.00 |
इस योजना में वर्ष 06-07 में भारत सरकार से प्रथम किश्त के रूप में रूपये 468.75 लाख प्राप्त हुए है जो नगर निगम देवास को उपलब्ध कराये जायेगें।
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